(N/A) एल्काइन का हाइड्रोजनीकरण: एल्काइन $Pt$,$Pd$ या $Ni$ जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में डाइहाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करके एल्केन बनाते हैं।
$CH_3-C \equiv CH + H_2$ $\xrightarrow{Pt/Pd/Ni/\Delta} [CH_3CH=CH_2]$ $\xrightarrow{H_2} CH_3-CH_2-CH_3$ (प्रोपेन)
$(b)$ एल्काइन का हैलोजनीकरण: एल्काइन हैलोजन (जैसे $CCl_4$ में $Br_2$) के साथ अभिक्रिया करके टेट्राहैलोएल्केन बनाते हैं। ब्रोमीन विलयन के लाल-नारंगी रंग का गायब होना असंतृप्ति के लिए एक परीक्षण है।
$CH_3-C \equiv CH + Br_2$ $\xrightarrow{CCl_4} [CH_3CBr=CHBr]$ $\xrightarrow{Br_2} CH_3CBr_2-CHBr_2$ ($1$,$1$,$2$,$2$-टेट्राब्रोमोप्रोपेन)
अभिक्रिया की दर: $Cl_2 > Br_2 > I_2$